🎊🎊🎊🎊बढ़ते रहो🎊🎊🎊🎊●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●भीड़ में जो मेरे बगल में साथ साथ चल रहे हैं।न वो हमसे प्रेम करते हैंऔर न हमसे जल रहे हैं।।वह अपने स्वार्थ में मस्तहम अपने स्वार्थ में मस्त।वह अपनी थकान से। पस्तहम अपनी थकान से लस्त।।न उसे हमसे कुछ कहना हैन हमें उससे कुछ कहना है।शायद रास्ता है एक सबकाजिस पर सबको चलना है।।अंधेरी सुरंग से गुजरते हुयेअंजानी आहट से डरते हुये।चले जा रहे हैं संग संग हीएक दूजे से हम बिछड़ते हुये।।पता नहीं कितनी सुरंगे अभीआगे हमें पार करना पड़ेगा।कितने लोगों से होगी मुलाकातकितनों से ही बिछड़ना पड़ेगा।। मिलन जुदाई का सिलसिलाहमेशा हमेशा चलता रहेगा।समय का ऐसा साँचा है यहप्राणी इसमें हमेशा ढलता रहेगा।।शिकवा न शिकायत कोई कभीजैसे चल रहे हो बस चलते रहो।जिंदगी की चाल ऐसी ही हैजैसे बढ़ रहे हो बस बढ़ते रहो।🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🎊🎊🎊🎊🎊🎊🎊🎊🎊🎊🎊●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●

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