आप और हम अकेले नहीं है हम
आप है तो है हम
ये wordpress मे ही हमारा ठिकाना जहा हम सब मिले हैं और अपने विचारों को एक दूसरे से साझा करते हैं
आभारी हैं आपके पढ़ते हैं जो अपना क़ीमती समय निकाल
प्रतिभाएँ छुपी है हमारे भीतर कहाँ पाते हम यह जान
प्रोत्साहन पाकर सृजन सुन्दरता भी बनी जैसे इक साधना
एकाग्र तन्मय होकर लिखी अपनी भावना भी लगी जैसे इक प्रार्थना
प्यार मिला आपसे लेखन में हौले हौले करते गये सुधार
लेखनी बनी प्रेम की गंगा लेकर आई संदेश शुभ नेक सदाचार
ह्रदय और मस्तिष्क के मंथन का है परिणाम
चित्र रचयिता के है गौण भावों से ओतप्रोत शब्द ही है प्रधान
सम्माननीय है wordpressमंचों से जुड़ा यहाँ हर शख़्स हर इन्सान
देशप्रेम से नहीं है कम जो अपनीभाषा का करें सम्मान
कॉमेंट्स प्रतिक्रियाओं से आप बढ़ाते हैं हमारा उत्साह
पीठ रचना के लिए थपथपाई तो ख़ुशी बढ़ गई दोगुना
आज के इस दौर में गुम सी हो गई है किताब
इन मचो ने रचनाकारों को फिर से दी है आवाज
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