यू झूठ मूठ प्यार जताया न कीजिएहम को हुजूर ऐसे सताया न कीजिएहर आदमी को दोस्त बनाया न कीजिएबिन सोचे उनसे हाथ मिलाया न कीजिए

टिप्पणी करे

Design a site like this with WordPress.com
प्रारंभ करें