मेरी चाहत को चाहत रहने दो,
कोई नाम न दो……..
रिश्तों को प्रेम में बंधने दो,
वेनाम रहने दो ………
खुद को खुद में खोने दो,
एक बार खुद संभलने दो…..
प्यार का जाम ज़हर बनने दो,
ज़हर को सीने में उतरने दो……
होश में बहुत दर्द है,
ज़हर की बेहोशी में सोने दो…🌹🌹🌹😔😔😔😔
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