अबोध बच्चा अपने खिलौने छूने पर प्रतिक्रिया करता है

उसी तरह हम भी है अबोध जो संसार की सारी बातों से अनभिज्ञ रहते हैं और जो हमारी भौतिक जगत की वस्तुएँ हैं उन्हे अपना मान लेते है और जब वो वस्तुएँ हमसे या) अलग हो जाती हैं तो हम प्रतिकूल प्रक्रिया करने लगते है

जो वस्तुएँ हमे मिली हैं उनका तो विलीन होना संभव ही है चाहे हम हँसे या रोयें उनका जाना तो एक दिन तय ही है

टिप्पणी करे

Design a site like this with WordPress.com
प्रारंभ करें