मेरा मकान “मेरा घर” है, होटल का कमरा नहीं है ।
जूठी थालिया जतलाती हैं कि मैंने मेरे परिवार को भोजन कराया है,
ज़मीन पर इधर – उधर फैली चीजें बता रही है कि मैंने मेरे बच्चों को खेलने दिया है ।
एक गठड़ी धुलने के कपड़ों की बता रही है कि मैं मेरे परिवार को साफ कपड़ों में रखती हूं ।
एक गीला बाथरूम यानि मेरे बच्चे नहा के निकले हैं ।
तो जब भी आप आएं तो मेरे अस्थ-व्यस्थ घर के प्रति अपने मन में धारणा बनाने से पहले दू बार सोचें ।
अगर आप हमें मिलने आए हैं तो आपका दिल से स्वागत है, और यदि मेरे घर को देखने आए हैं तो आने से पहले कृपया एक appointment ले लेते ।
एक बात आपको समझा दूँ –
मैं एक इंसान हूँ, कोई मशीन नही जो परिवार के हर सदस्य के पीछे भागती रहे और व्यवस्थित करती जाए ।
– मैं एक पत्नी हूँ
– मैं एक माँ हूँ
– मैं एक दोस्त हूँ
– मैं एक बेटी और एक बहन भी हूँ
घर को सुव्यवस्थित रखने के अलावा मेरी अन्य भी कार्य प्रणाली है ।
आखरी और महत्वपूर्ण ” मेरा अपना भी एक मूड है”
सभी महिलाओं को समर्पित 🙏
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