मेरी कमजोरी मेरी सीख बनी जब मैंने होश संभाला

If there was a biography about you, what would the title be?

जीवन मे मै क्या लिखूँ की मेरे जीवन पर क्या गुजरी किसी भी अन्य के जीवन मे भी कुछ न कुछ घटित होता रहेगा और हुआ भी होगा

जो भी सफलताए असफलताएं है उन्हे एक डायरी मे लिख कर छोड़ दिया वो डायरी मुझ तक ही सीमित रह गई और किसी ने बिना पढ़े फाड़ कर कबाड़ी को बेंच दी

लेकिन आज इंटरनेट की दुनिया मे मुझे एक ऐसा app मिल गया जिसमे लिखे गए मेरे किसी भी अहसास को न तो कोई बेच सकता है और न खरीद सकता है

ये मेरी एक आत्मा बन चुका जिसको लोग पढ़ेंगे और मेरे अहसासों से शायद कोई प्रेरणा लेकर अपने जीवन मे रंग भर सके

सही शब्दों मे, अपनी कमजोरी किसी के सामने कभी भी प्रकट नहीं करनी चाहिए क्योकि कोई हमदर्द नहीं होता सारे फायदा और मजा लेने वाले लोग होते हैं

इसलिए जब मैंने होश संभाला तभी मुझे अपनी कमजोरी दिखी वो कमजोरी थी किसी पर भी आसानी से विश्वास कर लेना और लोगो की गीदड़ भभकी से बहुत ही जल्द डर जाना परंतु मैं ये कमजोरी किसी के सामने जाहिर नहीं करती परंतु ये कमजोरी मुझे ये सिखाती है , किसी को बहुत जल्द अपना न समझना और सिर्फ हामी भर देना परंतु किसी के बहकावे मे न आना 🌹🌹

“मेरी कमजोरी मेरी सीख बनी जब मैंने होश संभाला” को एक उत्तर

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