उम्र तो उपहार है प्रकृति का, चिंता की क्या बात है

मैंने कई लोगो को ये कहते हुए सुना है की हम तो अब बूढ़े हो गए अब क्या बचा है

यही तो जीवन का असली पड़ाव है कितने अनुभव जीवन के इसी उम्र मे महसूस किये जाते हैं

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