अब समय नहीं है कोई बात करने का हमे मंजुलता के माता पिता को खोजना चाहिए
ठाकुर वीर सिंह कहते हैं की सौम्य उन लोगो ने तुम्हे उन दोनों का ठिकाना बताया था ना वो दोनों डाकुओ की गिरफ्त मे हैं पर इस वीरान जंगल मे हम कहाँ जाएंगे
सौम्य सिंह कहते हैं की मै बताऊंगा न आपको उनका एक अड्डा जो पहाड़ियों के बीच मे से होकर जाता है
और वहाँ पर बहुत सारी गुफाएं बनी हुई हैं
हमे बहुत ऊपर चढ़ना पड़ेगा वहाँ पर हमारी गाड़ियां नहीं पहुँच पाएंगी हमे उनसे युद्ध करके दोनों को बचाकर अपने साथ लाना पड़ेगा
वीर सिंह कहते हैं हम ठाकुर हैं हमे हारना नहीं आता हम हिम्मत नहीं हारेंगे
चलो अब आगे बढ़ो चलो और वे अपनी जीप लेकर आगे चलते है
इतने मे वीर सिंह कहते हैं की अभी हम गाडियो को यहॉ पर रोक देंगे और कुछ आदमियों को अपने साथ ले लेंगे
जैसे जैसे उन लोगो ने ठिकाना बताया था वैसे ही हम वहाँ पर चलेंगे और उन दोनों तक पहुँचने की कोशिश करेंगे ❤❤❤कृमशः

टिप्पणी करे