क्या पतियों को ऐसा करना चाहिए

अक्सर दादागिरी दिखाते है घर मे

रोज रोज पाबंदी लगाते हैं

मायके वालो से चिढ़ते है मुह बनाते है

पत्नी के मायके जाने पर वे बाद मे खूब लड़ते हैं

पत्नी को बात बात मे ताना मारते हैं

मेहनत से बनाये खाने की आलोचना करने लगते है

मन पसंद वस्तु नहीं दिलाते अपने लिए खूब लाते हैं

किसी के घर नहीं जाने देते

मायके से फोन आने पर मुह बनाते है और छिप कर बात सुनते हैं

एक एक पैसे का हिसाब करते हैं खुद का कोई हिसाब नहीं

जरा सा घुमा फिरा देते हैं तो बाद मे ताना मारते हैं की अपने बाप की राज्य मे क्या इतना घूमि हो

गुस्से मे कुछ भी कह देते हैं

जीवन को बेरंग बना देते हैं

दूसरी दूसरी महिलाओ की खूब तारीफ करते हैं और पत्नी इतनी मेहनत करती है उसकी कोई कीमत नहीं

सनकी तो इतने होते है की कोई दोष नहीं होता तब भी लड़ते हैं

अपने पैसे खूब संभलकर रखते है पत्नी को केवल घर खर्च के लिए ही देते हैं

बीमार होने पर भी खूब काम करवाते हैं कोई मदद भी नहीं करते

अपनी सेवा करवा कर मुह मोड कर सो जाते हैं और जवान पत्नी सारी रात जागती रहती है क्या उसे प्यार नहीं चाहिए

अपने माता पिता और बहन की बात मानकर उसे डांट देते हैं अपशब्दों का प्रयोग करते हैं उसे आर्थिक और मानसिक पीड़ा देते हैं

दहेज का ताना मारते हैं की तुम्हारे बाप ने कुछ नहीं दिया

पत्नी के माता पिता का अपमान करते हैं और मायके वालो की हँसी उड़ाते हैं

अब आप ही बताओ ये पति कहलाने के योग्य हैं क्या यही सात फेरों के वचन निभा रहे हैं🌹🌹🌹

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