ज्ञान ही सच्चा साथी है

हम सब बिता सकते है अपना सुखमय जीवन और अपने साधारण से जीवन मे भी खुश और संतुष्ट रह सकते है

ज्ञान वो पूंजी है जो हमारे साथ मरते दम तक हमारे साथ रहती है

ज्ञान से हमे अच्छा बुरा समझ मे आता है

हमे ज्ञान से विवेक मिलता है

ज्ञान हमे अपने घर के माहौल से भी मिलता है और अच्छी संगति से मिलता है

जब हमारे पास ज्ञान है तो कुसंगति भी अगर हो गई हो तो ज्ञान हमे कुमार्ग पर जाने से पहले ही हमे आगाह कर देता है

एक होस्टल मे 10 दोस्त पढ़ते थे एक साथ रहते थे खाते पीते थे और एक कोचिंग मे पढ़ते थे

कूछ अमीर थे और कुछ गरीब थे

कुछ लड़कों के माता पिता उनके लिए पैसा भेजते और कुछ छोटे मोटे कार्य करके अपना पढ़ाई का खर्च उठा लेते थे

एक दिन सारे दोस्तों ने घूमने का प्लान बनाया और वे सब घूमने निकल पड़े

वहाँ पर रास्ते मे एक बार मिला एक दोस्त ने कहा की चलो हम इसमे चलकर देखते हैं यहाँ खूब मजा आएगा सुंदर सुंदर लड़कियों का नाच देखने को मिलेगा और खूब मौज करेंगे

लेकिन कुछ ने कहा नहीं हम किसी ऐसे स्थल पर घूमने जाएंगे जो हमारी पढ़ाई लिखाई मे काम आएगा बार मे जाकर हम क्या करेंगे और वो लड़के नहीं गए और कुछ लड़के बार मे घुस गए

अब रात हुई

बार बालाओ के नाच खूब अच्छा लग रहा था वे खूब मस्त थे और आधे दोस्त रास्ते मे एक ढाबे मे सस्ता खाना खा रहे थे

और वो सब बार मे खूब दारू पी कर लड़कियों के साथ नाच रहे थे

अब रात भर वे सब बार मे नाचते रहे और वो दोस्त खाना खाकर घूम फिर कर अपने होस्टल मे आ गए

अब क्या था जो बार गए थे उनमे से एक लड़का बोला की यार ये तो बहुत गलत जगह थी हमारे माता पिता ने हमे यहाँ पढ़ने के लिए भेजा और हम क्या कर रहे हैं ये गलत है

वो दुबारा कभी भी बार नहीं गया और वो लड़के जाते रहे

अब पढ़ाई लिखाई के बाद परीक्षा का समय आया तो उनकी तो वहाँ जाने की लत लगी हुई थी

परंतु वे 6 लड़के दिन रात पढ़ते थे और परीक्षा की तयारी करते थे

अब जब परीक्षा के तीन दिन बचे तो उन्हे होश आया की अरे परीक्षा तो पास मे है अब वे भी पढ़ने लगे पर अब कुछ नहीं हो सकता तीन दिन मे वे क्या तयारी करेंगे बाकी ladke

बाकी लड़के खूब तयारी कर चुके थे और परीक्षा के समय हंस कर परीक्षा को हल किया और अच्छे नंबरो से पास हुए

जो बार जाते थे वे फेल हो गए उन्हे होस्टल वालो ने निकाल दिया

और जो परीक्षा मे पास हुए उन्हे एक साल के लिए मुफ्त होस्टल मे रहने को भी मिल गया अब रास्ते मे वे दोस्त फिर मिले

बोले तुम लोगो ने अपना समय बर्बाद किया इसलिए हम तुम्हारे लिए कुछ नहीं कर सकते ये बहुत ही अच्छा होस्टल है कितनी मुश्किल मे हमारा दाखिला हुआ था

जो जा रहे थे वे बोले की तुम लोग ज्ञानी हो अच्छी अच्छी किताबे पढ़ते हो

तुम सब विवेक शील हो हमारा विवेक बार जाने के बाद मर चुका था इसलिए हमे उसका दंड मिला अब जाओ तुम लोग पढ़ो लिखो और अपना जीवन बनाओ, हमने तो अपने सुंदर मौके को गवां दिया 😔😔😔

टिप्पणी करे

Design a site like this with WordPress.com
प्रारंभ करें