कुछ अच्छी और कुछ बुरी अनुभूति हमे जीवन मे होती है
कभी कभी हम उन अनुभूतिओ मे डूब जाते हैं उनके विषय मे सोंचने लगते हैं
एक अनुभूति होती है कामवासना, कुछ लोग केवल इसमे ही डूब जाते हैं कुछ समय के लिए, पर कुछ लोग उसमे ऐसा डूब जाते हैं की फिर उससे ऊपर नहीं आ पाते जब वे अनुभूति उन्हे अच्छी नहीं लगती या उससे जी भर जाता है तो वे जब उससे बाहर आते हैं तब तक उनका बहुत कुछ बिगड़ चुका होता है वे किसी लायक नहीं रहते
कुछ लोग प्रकृति की सुंदरता की अनुभूति मे खो जाते हैं जो सिर्फ प्रकृति मे ही रहते हैं उन्हे ही बहुत कुछ मिलता है
कुछ लोग आत्मज्ञान की मीठी अनुभूतिओ मे खो जाते हैं उनका तो जीवन ही धन्य हो जाता है
कुछ लोग संसार की बातों मे खो जाते हैं उन्हे कई प्रकार की यादें आती हैं कुछ अच्छी कुछ बुरी
जब कोई ऐसी याद या किसी के वे शब्द जो उनके दिल को छलनी करते हैं उनकी अनुभूतिओं मे खोने से उन्हे तनाव होता है वे बदले की भावना से ग्रसित हो जाते हैं जब बदला नहीं ले पाते तो उनको डिप्रेसन हो जाता है जो शरीर मे कई तरह की बीमारियों को जन्म देता है
तो खोना ही है तो किसी ऐसी अनुभूति मे खोये जिससे शांति और सुकून मिले बेकार की अनुभूति हमे आशांति और पीड़ा देती है ❤❤❤❤
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