अपने आश्रित और कमजोर पर जुल्म न करें

अक्सर कुछ लोगो को देखा गया है जो अपने आपको अन्नदाता समझ बैठते हैं वे सोंचते हैं की घर मे जो कुछ भी है उन्ही की बेदोलत है और वे अपने लोगो को बेवजह कुछ न कुछ कहते रहते हैं

अपनी पत्नी को खरी खोटी सुना देते हैं

अपशब्दों का प्रयोग करते हैं अपने बूढ़े माँ बाप को ताना मारा करते हैं अपनी बहन, भाभी के ऊपर तानाशाही दिखाते हुए रोब जमाते हैं

क्योकि वे लोग उन पर निर्भर होते हैं इनकी कमाई खाते हैं इनके घर मे रहते हैं

पर शायद वे ये भूल जाते हैं की वे माता पिता जिनको वे अपने आश्रित समझते हैं उनके लिए दवाई और खाने पीने का खर्च उठाने मे अकुताते है कल शायद उन्हे याद हो की न हो कल वे अपने माता पिता के बच्चे थे जब वे बीमार होते थे तो उनके माँ बाप उधार लेकर उनका इलाज करवाते थे

उनका खर्च अपने मन को मारकर पूरा करते थे और तब भी कितना स्नेह करते थे

आज वे उन्ही की बेदोलत कमा रहे हैं

पत्नी भले ही दहेज कम लाई हो अंग्रेजी न बोल पाती हो आधुनिक न हो पर वो उनके घर मे उनकी और पूरे घर की देखरेख और सेवा करती है उसी की बेदोलत वे कमा रहे हैं

बहन ने भी बचपन मे भाई का साथ दिया है अगर भाई अपनी बहन की शादी मे सहयोग करता है तो इसमे ताना मारने की कोई जरूरत नहीं बहन के आशीर्वाद से भाई कमा रहा है

भाभी ने भी सेवा की थी अविवाहित थे तब उसने भी खाना , टिफिन और पैसा न होने पर अपनी गुल्लक के पैसे देवर को दिया दिये थे अपने बेटे और भाई bh के समान देखरेख करती थी

आज उस भाभी की आत्मा को आहत न करें उनके अनुचित बर्ताव न करें एक दिन ऐसा समय भी आ सकता है की आपको भी किसी का आश्रित कर सकता है❤

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