अक्सर बहुत लोगो को मैने देखा है की वे बहुत जल्दी ही किसी की दिखाई गई झूठी सहानुभूति मे विस्वास कर लेते हैं
और अपने मन की पूरी बात बता देते हैं अपना कष्ट भी बता देते हैं लेकिन वे ये भूल जाते हैं की सहानुभूति दिखाने वाले बहुत मिल जाते है साथ देने वाले बहुत ही कम मिलते हैं और वे आपके दुख का मनोरंजन करते हैं और आपसे फायदा उठाते हैं
अंजान और गैर लोगो पर कोई भी विश्वास न करे अपनी बात बहुत सोंच समझ करते किसी को बताएं 😔😔
टिप्पणी करे