जो जैसा करता है उसके साथ वैसा
लेकिन होशियार तो रहना ही है सबके बर्ताव पर नजर रखनी है किसी को अंदेखा नहीं करना है
प्रायः ऐसा होता है की लोग दूसरों के गलत बर्ताव को भुला देते हैं और उसे फिर से गले लगा लेते है
बस उसके लिए यही एक मौका होता है और हमसे चूक हो जाती है और हमे नुकसान होता है हम फिर से उसके बर्ताव से आहत होते है❤
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