आनंद मे रहे मदहोशी उचित नहीं

उन्नति जब होती है तो कुछ लोग इतने नशे मे हो जाते हैं की उन्हे मदहोशी आ जाती है और वे अपनी पुरानी जिंदगी और अपने प्रियजनों को भुला देते हैं की अब उन्हे इनका कोई काम नहीं है

परंतु उन्हे याद रखना चाहिए की बाज चाहे जितना ऊपर उड़े एक दिन उसे धरती पर आना ही पड़ता है❤❤

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