दूसरों का छीन कर खाने वाला कितना सुखी होता है

लोग किसी के कोई जायदाद या किसी कीमती वस्तु को हड़पने की अक्सर फिराक मे रहते हैं

बिना मेहनत किये सब कुछ पाने के लिए न जाने क्या क्या युक्ति सोंचा करते हैं

अपने माता पिता की संपत्ति को हड़पने के लिए बैठे रहते हैं

और किसी की मुल्यावाँन वस्तु चुरा लेते है और हथिया लेते हैं

क्या ऐसा होता है की दूसरों को पीड़ा देकर ली गई वो मुल्यावाँन लगने वाली वस्तु किसी को पीड़ा न देकर सुख देती है

नहीं जी, अपनी मेहनत की कमाई से और अपने मेहनत से बनाये गए घर मे ही सुख मिलता है

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