सत्य उतना जरूरी नहीं आजकल जितना की झूठ

झूठे लोग भी आजकल सफल हो जाते हैं उनको लगता है की झूठ बोलने की कला है उनके पास

एक दिन एक बुजुर्ग इंसान मेरे पास आए और बोले की मै बहुत बीमार हु मेरी मदद कर दो बिटिया

मै बहुत दयालु थी मेरी गुल्लक मे पैसा था जो मैने जोड़ा था तब मेरी शादी नहीं हुई थी वे पैसे मेरे लिए बहुत बड़ी बात थी

मै वो पैसे निकालने के लिए अपनी गुल्लक फोड़ने ही वाली थी तभी मुझे सत्संग वाली बात याद आई

मै सत्संग भी जाती थी अपनी मम्मी के साथ

सत्सङ्ग मे तो सिर पर किसी शक्ति का हाथ होता है

आंटी कह रही थी की किसी की बात पर

अंधा विश्वास नहीं करना चाहिए आजकल सब झूठ बोलते हैं हर किसी की मदद नहीं करनी चाहिए

मैने अपनी गुल्लक जैसे के तैसी रख दी वो भगवान की अलमारी मे रखी थी

अब मै बाहर निकली तो देखा की बूढ़े बाबा मेरा इंतजार कर रहे थे मैने अपने बड़े भाई को बुलाया और कहा की मेरा भाई डॉ पढ़ रहा है आप अपना दवाई का पर्चा इनको दिखाओ ये आपको मेडिकल स्टोर से दवा दिला देंगे

बुजुर्ग बोले वो तो घर मे रखा है मैं बोली चलो हम आपके घर चलते है और पर्चा लेकर आपको दवा दिलवा देते हैं

और बूढाउ का हाथ दादा ने पकड़ लिया अब बुढाउ हाथ छुड़ाकर भागने लगे हम लोग भी उनके साथ चलने लगे बूढ़े बाबा बोले नहीं बिटिया हमारे यहाँ कुत्ता पला है वो तुम लोगो को काट लेगा

हम बोले की कुत्ता नहीं काटेगा हम घर के बाहर खड़े रहेंगे आप पर्चा ले आना

बूढ़े बाबा के न जाने कहाँ से शक्ति आ गई और वे खूब तेज गति से चलने लगे

दादा हंसने लगे कहने लगे की अभी तो ये मरे जा रहे थे ये तो भाग रहे हैं

मै सोंचने लगी की ऐसे लोग दूसरे की अच्छाई का फायदा उठाते हैं आज मेरे भी सारे पैसे चले जाते जो मैने जोड़े थे गुल्लक मे 😔😔😔😔

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