दूसरों की अच्छाई बर्दाश्त नहीं होती किसी से हमेशा जलते रहते हैं मन ही मन कुछ लोग ❤❤
सबसे कठिन बात होती है दूसरे की सच्चाई और अच्छाइयों को बर्दास्त करना एवं उनके अच्छे कार्यों की सच में तारीफ प्रशंसा करना 💐जो बहुत कठिन हैं💐 दूसरों की हँसी ख़ुशी में अपनी ख़ुशी जाहिर करना सभ्यता मानी जाती है और सेवाएं और सम्मान देना बड़कपन 💐ये देखकर बहुत से लोग इसी कारण चुप रह जाते है मुँह मुसुक कर रह जाता है दूसरे की अच्छाई को देखकर जब हम ईर्ष्या जलन के कारण पिछड़ने फिसलने चिढ़ने लग जाते है। बस यही दुःख हमे आगे अच्छे से जीने बढ़ने नहीं देता।इसी कारण लोग अपने परिवार में भी एकता के साथ अच्छे सम्बन्धों से ईमानदारी से भी नहीं निभा पाते इसलिए चेहरे पर अपनेपन की हँसी ख़ुशी नहीं रहती है ये सूना पन सम्मान सुख की कमी के कारण लोग पढे लिखे बुद्धिमान पैसा होने के बाद भी लोग अकेले से रह हो जाते है। उन्हें अपने घर परिवार समाज में भी कोई पूछता भी नहीं सम्मान भी नहीं मिलता न घऱ की सेवा मिलती हैं। ये दर्द पिछड़ेपन का रोना है। इस कारण लोग एक दूसरे से मिलने जुलने में कतराते । दूसरे की कमजोरी देखते हैं अपनी नहीं देख सुन पाते ,जराजरा सी बात में चिढ़ने चिल्लाने लड़ने से लगते और अपना स्वभाव बिगाड़ लेते।ये अनजाने दुःख को छुपाने के लिये।झूठी शान मारते फिरते है । इस वजह से लोग दूर हो जाते। ये सजा है अपने बुरे कर्मों की। ऐसी कठोर मानसिकता कोई बदल ही नहीं सकता । सिर्फ एक रास्ता है अपने को बदलने को वह है ईश्वर के प्रति प्रेम श्रद्धा विश्वास पाकर ही हम अपना जीवन सुधार सकते है। नेक रास्ते पर चलकर परिवार समाज को।कुछ दे सकते है। नहीं तो व्यर्थ की बातों में डींगे हाँकने में समय बीतता जायेगा।झूठी बातों से स्वार्थ से अपने नाम को कमाने में सफलता नहीं मिल सकती । ये रहा ऊर्जा से ओतप्रोत ज्ञानवर्धक लेख भावनाओं पर आधारित लिखा गया आपका सहमत होना जरुरी नहीं हैं💐 आपका सबसे अच्छे से अच्छा रहना आपके घुर विरोधियों और चिढ़ने गाली बकने वालों के लिये बड़ी सजा है।क्योकि दूसरों की अच्छाइयों को देखकर न सीखने वाला इंसान हार जाता है जीवन भर कुढ़ता हे पनप नहीं पाता यही पिछड़ेपन का कारण है ❤❤❤
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