गवाही देने, लेने का रिश्ता नहीं


यकीन कीजिए, यकीन ही सबसे बड़ा खजाना है न ही कोई सफाई दें गवाही न किसी को दें न किसी की गवाही पसंद करे


गवाही वफा की किसी से कभी न मांगिए
बस नजरों से नजरों को एक बार झांकिए
आंखों के आईने में वफा मुस्कुरा रही होती है
ऐसे प्यार के बंधन को आप कभी न आंकिए

यकीन में जादू है कभी आज़मा कर देखिए
बेकार की उलझनों से आप दूर ही रहिए
यक़ीनन, यकीन तो रिश्ते की जान होती है
रहिए न इससे दूर मन से इसे बांध कर रखिए।।
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