
सिमटे हुए सपने अतीत को याद दिला देते हैं कभी कभी लगा की शायद मेरी ही कुछ कमी थी जो अपने सपने को पूरा नहीं कर पाई
उसूलों, नियमो, परिवार के दम घुटाउ अनुशासन मे सब कुछ ठहर सा गया
न कोई दिशा दिखाने वाला, samjht मे नहीं आता था की मै अपने सपनो की उड़ान को कहाँ से शुरू करूँ
जिस प्रकार एक चिड़िया जब बचपन से एक पिंजड़े मे बन्द कर दी जाती है अगर किसी दिन पिंजड़े का दरवाजा खुला रह गया तब भी वो न उड़ेगी की कही कोई उसे पकड़ न ले वो कहाँ जाएगी
कैद चिड़िया को वही कैदी जीवन ही रास आने लगता है और वो बाहर निकल कर अकेली खुद का रास्ता खोजने मे डरती है
सपने तो बहुत होते है परंतु वो किसी सहयोग के बिना अपने सपनो को एक एक करके अपने ही हाथो कुचल डालती है और बेबस होकर अपने आपको अपने दाना पानी देने वाले को समर्पित कर देती है और फिर मन बना लेती है की मालिक ही उसे दूसरे पिंजड़े मे कैद कर सकता है
और पिता रूपी मालिक उसे पति रूपी मालिक के पिंजरे मे बंद करवा देते है
शायद मै सत्य कह रही कई लड़कियों के साथ ऐसा ही होता है
उनके सारे सपने सिमट कर रह जाते हैं और वे अपनी खुशी को मारकर सबकी खुशी मे जीना सीख जाती है 😔😔😔
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