स्पर्श यादों के

यादों के स्पर्श बडे़
अजीब होते हैं मेरे दोस्त,
कोई भी ना हो पास,
फिर भी ये बहुत करीब होते हैं,
रिश्ते का नाम जरूरी नहीं होता मेरे दोस्त,
कुछ बेनाम रिश्ते रुकी जिंदगी को साँस देते है
मिलते रहना सबसे,
किसी ना किसी बहाने से…
रिश्ते मजबूत बनते है,
दो पल साथ बिताने से.

कुछ बहारों मे हम साथ थे कभी पतझड़ के मौसम मे भी खास थे

दो पल बिताते थे खुशी के

एक साथ रुलाते है कभी

हंसाते हैं कभी

यादों के स्पर्श हमेशा साथ चलते हैं 😊😊😊

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