देवदासी भाग 472

तभी वो देखते हैं की उनका आदमी भागता हुआ, हांफता हुआ उनके पास आ रहा है और उनसे लिपट जाता है कहता है की मालिक मुझे उनके अड्डे का पता चल गया आप सब लोग मेरे साथ चलो

ओह्ह तो तुम वही पर थे वहाँ तुम पहुंचे कैसे वीर सिंह बोले

उस आदमी ने कहा की मै सब बाद मे बताऊंगा पहले आप लोग मेरे साथ चलो वहाँ पर

मंजुलता के माता पिता वही पर कैद है मैने अपनी आँखों से उन्हे देखा है

चलो और सब साथ साथ चलने लगते हैं

तो वो आदमी कहता है की नहीं सब लोग एक साथ मत चलो

अलग अलग चलो नहीं तो वो सब जान जाएंगे और अपना अड्डा कहीं और बना लेंगे

वीर जी आप वहाँ से चलिए

और सौम्य जी आप मेरे साथ चलिए

और सबको अड्डे का पता बताता है कहता है की यहाँ से ज्यादा दूर नहीं है बस बच बच कर चलना है वे लोग बहुत खतरनाक हैं

अब कुछ वीर सिंह के साथ और कुछ सौम्य सिंह के साथ कुछ कुछ दूरी पर चलने लगते हैं

सबसे पहले वीर सिंह उस अड्डे तक जाते हैं वहाँ पर देखते हैं की सारे डाकू इधर उधर काम कर रहे थे

एक घूँघट काढ़े महिला भी काम कर रही होतीहै क्रमशः🌹🌹

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