बेबसी की मारी भाग 243

अब कल्लू सुबह होने का इंतजार करने लगते हैं सुबह होती है कल्लू अब नीचे उतरते हैं

अर्जुन के घर की तरफ देखते हुए आगे बढ़ते हुए दरवाजे के पास जाते हैं और दरवाजा खटखटाते हैं

तभी वो देखते हैं की शैल घर मे होती हैं साथ मे उनकी माँ भी होती हैं

कल्लू शैल से पूंछते हैं की अरे बुआ तुम यहाँ चाचा कहाँ है और अम्मा के पैर छूते है

अम्मा कहती हैं की अर्जुन बड़े भाई के साथ शैल के लिए लड़का देखने गए हैं

एकलौता लड़का है बहुत अच्छा है, दुकान अपना घर है गाँव मे खेती भी है अगर बात पक्की हो जाए तो बहुत बढ़िया है देखो भगवान् की क्या मर्जी है

अरे अम्मा बुआ की शादी यहीं पर होगी देखना सब बुआ को पसंद कर लेंगे अपनी बुआ भी कितनी अच्छी है, कामकाजी हैं और सुंदर भी, पढ़ी लिखी है

तुम्हारे मुह मे घी शक्कर बेटा और अम्मा प्यार से कल्लू के सिर पर हाथ फेरति हैं क्रमशः

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