शादी का असली मतलबभाग 259

और सुनीता चिढ़ते हुए गजरा उठा लेती है और एक गजरा प्रीति के कमरे मे ले जाती है प्रीति को आवाज देती है

प्रीति प्रीति कहाँ है तू

रघु कहता है की अभी वो ऑफिस से नहीं आई माँ

वो भूखी प्यासी ऑफिस गई है इतना काम है उसे

आठ बजे चंद्रमा निकलने को है अब सिर्फ दो घंटे बचे हैं

खैर ये गजरा रख लो उसके बालों मे लगा देना तुम अपने हाथ से

पापा जी लाये थे आज सबको दिया है गजरा हर साल लाकर देते हैं वो

तभी गाड़ी की आवाज आती है प्रीति गाड़ी से उतरती है बहुत जल्दी मे थी वो

वो अंदर आती है पर वो सुनीता की तरफ ध्यान नहीं देती और अपने कमरे मे चली जाती है और वहाँ जाकर कोल्ड ड्रिंक पीने लगती है एक गिलास मे डालकर

कहती है की आज सारा दिन परेशानी मे रही मै

सारे व्रत महिला के लिए ही बनाये गए हैं एक तो भूख लगी थी दूसरे पूजा का बंधन भी आज शादी के तीन साल हो गए मेरे

तभी अचानक सुनीता कमरे मे आ जाती हैं तबतक प्रीति गिलास छिपा देती है

और कहती है अरे मम्मी जी मैने तो आपको देखा ही नहीं माफ करना मै बहुत जल्दी मे थी ऑफिस के काम से फुर्सत नहीं मिल रही थी

सुनीता कहती है की कम से कम आज तो ऑफिस न जाती

प्रीति कहती है मम्मी जी प्रमोशन होने वाला है अगर नहीं जाऊंगी तो प्रमोशन रुक सकता है मुझे रोज ही जाना पड़ेगा अभी

अच्छा अच्छा अब पूजा की तयारी करो मैने सबकुछ बना लिया है तुम जल्दी से नहा धोकर तयारी मे लग जाना

पैरों मे रंग लगा लेना अरे तुमने मेहंदी भी नहीं लगाई

मेरे पास भी नहीं आई कल मेहंदी लगवाने मै इंतजार करती रही कल भी तुम घर देर से आईं

मम्मी जी बहुत काम रहता है प्रीति ने कहा अब तो रात मे भी काम करना पड़ता है

अच्छा मै गजरा यहाँ रख देती हु और वो गजरा रखने लगती है तो देखती है की पलंग के पीछे एक जुठा गिलास रखा हुआ है वो गिलास उठाती है तो उसमे कोल्ड ड्रिंक लगा था वो समझ जाती है की प्रीति व्रत नहीं कर रही

और सुनीता कहती है की अच्छा मै जाती हु जैसी तुम्हारी मर्जी वैसा करो तुम मै अब चली

वो जाने लगती है तो वो ठंडी सांस भरकर कहती है की क्या ढकोसला है ये 🌹🌹 क्रमशः

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