गलत कोई नहीं होता, गलत हमारी सोंच होती है जो हम हर किसी को एक जैसा समझते है

हम समझदार नहीं होते

हम परिपक्व नहीं होते

हम नादानियां करते हैं और लोग हमारा फायदा उठा लेते है

हमे अनुभव नहीं होता

हम किसी की भावनाएं पढ़ने की कोशिश नहीं करते

हम किसी के हावभाव पर गौर नहीं करते

हम हरेक पर बहुत ही जल्दी विश्वास कर लेते हैं

हम अक्सर दूसरों द्वारा दी गई प्रताड़ना को भूल कर फिर से सामान्य होकर उसे फिर से वही करने का मौका देते है

हम अपने दुख दर्द और अपनी गुप्त बाते दूसरों को बता देते हैं

अपनी कमजोरी, मजबूरी का जायजा दे देते हैं यही कारण होता है की गलत लोग हमारी मजबूरी और कमजोरी का भरपूर फायदा लेते हैं और हम बार बार घायल होते हैं🌹🌹

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