जरूरी नहीं की कोई इच्छा पूरी होने पर उससे मन न भरे
कभी कभी कोई ऐसी इच्छा जो बहुत ही खून जला जला कर पूरी होती है उसमे बहुत रास आता है
बहुत सुख मिलता है बहुत दिनों तक उसका हम भोग करते हैं
परंतु कुछ दिनों के बाद उस इच्छा मे एक अनिच्छा का जन्म भी होता है और वही इच्छा हमारे आगे कुछ नहीं होती उससे मन भर जाता है और एक नई इच्छा उत्पन्न होती है
फिर कुछ समय तक उसका भोग करने के बाद उसमे भी अरुचि उत्पन्न होने लगती है ❤❤🌹🌹
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