बोझ न समझे किसी को

बूढ़े माँ बाप, बेबस बहन, विकलांग भाई बहन, या बच्चा किसी को भी बोझ नहीं समझना चाहिए

इनकी भी मजबूरी होती है सब अपनी किस्मत का खाते हैं इनपर झुंझलायें न बल्कि इनकी सेवा और मदद करें

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