जब उत्तम समय होता है तब किसी किसी को समझ नहीं होती
जब अवसर होता है तो एक नवजवान अपने कैरियर की तरफ ध्यान न देकर यार दोस्तों मे अपना समय बिताता है
एक बाइक, मोबाइल, और कुछ पैसे लेकर घूमता है और मौज मस्ती मे अपना समय अपने दोस्तों के साथ अपनी प्रेमिका के साथ बर्बाद करता है
जब कुछ करने का अवसर होता है तब उसकी समझ घास चरने चली जाती है और समय निकल जाने के बाद उसके दोस्तों और प्रेमिका का कोई पता नहीं रहता
और बाद मे वो पछताता है की पहले कुछ मेहनत कर ली होती तो कितना अच्छा होता
पापा की बात मान ली होती तो आज आत्मनिर्भर होता कुछ जिंदगी ही अलग होती
लेकिन अब तो पापा भी समझा कर थक चुके माँ भी एक कोने बैठ गई
किसी तरह बस खाना पीना मिलेगा
जब तक पापा जिंदा हैं उनकी संपत्ति है 😔😔
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