हर वस्तु का रस दूर से लें पास जाने से ना हम बचेंगे न वो वस्तु

समझदार किसी वस्तु का रस एक बार

लेने के बारे मे तो सोंचता है उसके लाभ भी सोंच लेता है और हानि को बहुत बार अवलोकन करता है हानि की नाप तोल भी करता है तब उसके करीब जाता है यही कुशल जीवन का मूलमंत्र है😊

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