रोना हो तो अकेले रो लेना उस शक्ति के सामने जो अदृश्य है और जो पल पल, हर वक़्त आपकी मदद करती है
हम जिन्हे अपना समझते हैं कभी कभी वे लोग हमारे रोने का बहुत हद तक फायदा उठाते हैं और मनोरंजन करते हैं
हर कोई हमारी पीड़ा को नहीं समझता है इसलिए किसी के सामने कभी भी रोना मत
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