कुछ भी स्थिर नहीं

मेरी बिल्डिंग के सामने एक कौए के परिवार मे 5 अंडे हुए

उससे पहले इस परिवार ने कितनी मेहनत से तिनका तिनका जोड़ कर एक घोसला बनाया

दोनों किस प्रकार प्रेम से उस घोसले मे रहते थे

इनके अंडे हुए, अपने अंडो की रक्षा करते रहे,

चीलो से चिपकलि से, किसी को भी ये दोनों अंडो के पास भी न फटकने देते

सारे दिन कौवी भूखी प्यासी अपने अंडो पर बैठी रहती

मुझे दया आती तो मै उसके लिए दीवार पर कुछ खाने के लिए रख देती और दोनों खाते

1 महीने के बाद उनमे से 5 छोटे छोटे बच्चे निकले

उनमे से दो बच्चे तो मर गए

अब तीन बच्चे बचे

कुछ दिन के बाद दो बच्चे भी कहीं गायब हो गए

अब एक बच्चा बचा

उसको दोनों बड़ी मेहनत से पाल रहे थे Sare

सारे दिन अपनी चोंच मे खाना, पानी ला कर बच्चे को खिलाते और उसकी देखभाल करते और रात मे दोनों एक दूसरे से चिपक कर सो जाते

मै रोज उनको अपनी छत से देखने जाती

उनके घोसला की तरफ कोई देख भी लेता तो वे दोनों आफत कर देते

पर मुझे कुछ नहीं बोलते

अब उनका बच्चा दो महीने मे बड़ा हुआ उसके पंख निकल आए अब वो भी सबको देखता तो अपने पंख फड़फड़ाता

पर नीचे कूदने से डरता

अब मै क्या कर सकती थी उसके लिए जो मै नहीं चाहती थी वही हुआ वो अपने घोसले से कूद गया

अब मै उसकी मदद कैसे करूँ

वो बहुत दूर था मै उसको नहीं ला सकती थी वो एक गड्ढे मे घुस गया और काफी देर तक वही रहा

अब उसके माँ बाप मेरे पास आते और कुछ कहते मै उनको क्या कहती अपनी उंगली उस बच्चे की तरफ कर देती

वो दोनों मेरी उंगली देखकर अपने बच्चे के पास गए

फिर उसे खाना खिलाने लगे मै भी खूब खुश थी वे लोग भी बड़े खुश थे D

दूसरे दिन मै फिर छत पर गई तो देखा की वो दोनों पागलों की तरह मुझे देखकर चिल्ला रहे मे समझ गई की इनका बच्चा खो गया हैं मै फिर खोजने लगी पर वो मुझे नहीं दिखा वो

दोनों बिचारे अब भी अपने बच्चे को खोजने लगते हैं मै भी कुछ नहीं कर सकती थी उनके लिए आज 4 दिन हो गए किसी दिन उनके घोसले मे खुशिया थी आज घोसला वीरां पड़ा है

मित्रों कुछ भी स्थिर नहीं है हमें किसी वस्तु पर इतराना नहीं चाहिए 😔😔

“कुछ भी स्थिर नहीं” को एक उत्तर

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