जब कोई मर जाता है हमारे जीवन से लुप्त हो जाता है

किसी के बिना जीवन नीरस लगने लगता हैं और उस इंसान के बिना जीना दूभर हो जाता है

परंतु हमे अपने आपको संभालकर, धैर्य से काम करना चाहिए

कहीं घूमना फिरना चाहिए अपने किसी धार्मिक स्थल जाना चाहिए या अपने किसी ग्रंथ को पढ़ना चाहिये

और अगर रोना है तो अकेले मे कहीं जाकर रो लेना चाहिये

अपने आपको किसी न किसी कार्य मे उलझाकर रखे

क्योकि अब वो इंसान दोबारा आपको मिलने वाला नहीं है न आप मरकर भी उसके पास जा सकते हैं

अपने जीवन को तो आगे बढ़ाना ही होगा

उसकी याद तो हमेशा आती ही रहेगी परंतु फिर भी उसकी याद करके अपने आपको संतुलित करें 😔

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