उदास होना एक कमजोरी ही है

जब हमारा कोई काम पूरा नहीं होता हम अपने अनुसार नहीं चल पाते, हमारी कोई वस्तु हमसे खो जाती है, हम अपने उद्देश्यों मे कामयाब नहीं हो पाते तो हम अक्सर उदास हो जाया करते हैं

एक तरह की उलझन हमारे मन को खाती रहती है और हम डिप्रेशन के शिकार हो जाते हैं

ये और कुछ नहीं हमारे अंदर की दुर्बलता है

उदास होने का सबसे बड़ा कारण है की हम सुख की कामना बहुत अधिक करने लगते हैं

दूसरी बात की हम दूसरों से आशाएँ करने लगते हैं

हम अपनी मर्जी से ही दुनिया को चलाना चाहते है

हम आलस्य करते हैं अपना कार्य सही समय पर नहीं करते उससे हमे सफलता नहीं मिलती और हम उदास हो जाते हैं

कुछ कार्य जीवन मे ऐसे होते है जो सोंच विचार कर किये जाने चाहिये अगर कोई फैसला हम जल्दी मे लेते हैं तो उसके दुष्परिणाम निकलते हैं और बाद मे हम पछताते हैं और उदास होते हैं

हम ज्यादातर अपना समय घर मे बिताते हैं हमे कहीं घूमने निकल जाना चाहिए

योग करना चाहिए, संगीत सुन लेना चाहिए

अपना काम स्वयं करना चाहिए

कभी कभी हम जीवन मे अपने आलस्य और मस्ती लूटने के बाद अकेले पड़ जाते हैं जीवन मे सफल नहीं हो पाते हैं

आत्मनिर्भर होना भी अपने अंदर खुशी उत्पन्न करता है हमे आत्मनिर्भर होना चाहिए

दूसरों की उन्नति को देखकर दुखी नहीं होना चाहिए

कभी कभी कुछ लोग दूसरों की मदद भी नहीं करते केवल अपने मे ही रहना चाहते हैं

जरूरत से ज्यादा चिंताएं करते हैं ये भी उदासी उत्पन्न करता है

हम बीती बातों को याद करते हैं और उदास हो जाते हैं

दूसरों के सुख को देखकर अपने आपको और अपनी किस्मत को कोसते हैं इससे उदासी होती है

हम अपने जीवन से असंतुष्ट रहते हैं की हमे ये नहीं मिला हमें वो नहीं मिला इससे भी हम उदास हो जाते हैं

सच मे उदासी कुछ भी नहीं है हमारी एक मानसिक कमजोरी है 🙏🏽🙏🏽🌹🙏🏽🙏🏽

“उदास होना एक कमजोरी ही है” को एक उत्तर

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