पहलवान उसे देखकर अपने कपड़े संभालने लगा और उसे डांटने लगा की तू कौन है पगली इस तरह तुझे नहीं घूमना चाहिए था
चल भाग यहाँ से
अब तो पहलवान का लगोट भी पीछे से खुल चुका था अब तो नन्ही की हंसी भी नहीं रुक रही
पहलवान अपना लंगोट संभालने लग गया तब तक नन्ही वहाँ से भाग गई
घर जाकर नन्ही अमरूद और पके हुए बेर को प्रेम से खाने लगी आह कितने मीठे बेर हैं मैं तो अब रोज ही जाऊंगी और बेर तोड़ूंगी अमरूद खाऊँगी
अब उधर पहलवान अपने सिर को कूट रहा था की एक लड़की उसके बाग मे घुस आती थी रोज और उसे पता तक नहीं चला उफ्फ कितनी शैतान है उसका घर कहाँ है मै इसके घर वालो की अच्छी तरह से खबर लूंगा की वो लोग अपनी बेटी की सही तरीके से देखभाल नहीं करते इस तरह घूमती है कहीं कोई ऊंच नीच न हो जाए
गाँव मे कहीं कोई लड़की इस तरह घूमती है पगली कहीं की
जरा भी ढंग नहीं इसे
और वो हंसने भी लगा
सोंचने लगा की मै तो बजरंग बली का भक्त हु मेरे गुरु जी ने सत्य कहा था की अकेले किसी पहलवान को कसरत नहीं करनी चाहिए और मै अपने समूह मे नहीं था परंतु अचानक ये लड़की कहाँ से आ गई मुझे तो पता ही नहीं चला खैर अब ये नहीं घुस पाएगी मै अब एक पहरेदार रख दूंगा जो इसे घुसने नहीं देगा अब 🙏🏽🙏🏽🌹🌹🙏🏽🙏🏽क्रमशः
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