अब वीर सिंह कहते हैं की चलकर देख लो तुम खुद ही मै क्यो झूठ बोलूँगा
अच्छा अच्छा चलो देखता हु और वो आगे बढ़ चला वीर सिंह उसके साथ चलने लगे
अब वीर सिंह देखते है की एक महिला सिर पर पल्लू रखे हुए थी साथ मे एक आदमी उसके साथ था वो चुपचाप बैठा था
उन दोनो को देखते ही वो महिला दूसरी तरफ चली गई और वो आदमी भी जाने लगा
वीर सिंह ने उस आदमी को पहचान लिया उसके हाथों मे दाग थे
मुह मे भी दाग थे पहले वो एक कोढ़ी था शायद अब वो ठीक हो गया था
तभी वो डाकू एक डंडा उठाकर उसे मारते हुए बोला की साले कपड़े धोने को पड़े हुए हैं क्या तेरा बाप धोएगा और साली वो औरत कहाँ है उससे बोल कपड़े धोने के लिए
अब एक डंडा उसे मारता है वो आदमी रोता है और कहता है की मुझे कुछ भी कह लो पर मेरी पत्नी को कुछ मत कहो हुजूर वो बीमार है उसे बुखार है क्रमशः🌹🌹

टिप्पणी करे