सुनीता ये देखकर कहती है की क्या ढकोसला है बोलो क्या ढकोसला है
रूपा कहती है मम्मी जी मै ऑफिस से अभी अभी थकी आई हु सुबह से अब घर आई हु और आपने तूफां खड़ा कर दिया मै आपने बेटे की जिंदगी के लिए व्रत कर तो रही हु निभा तो रही हु अपना फर्ज़ मम्मी जी
मै पूजा की तयारी करती हु मेहंदी लगाने का मेरे पास समय ही नहीं था
लेकिन तुम आज छुट्टी भी ले सकती थी एक दिन की
रूपा कहती है माँ मेरा प्रमोशन होने मे बहुत मेहनत लगी है अगर एक दिन की छुट्टी लुंगी तो मेरा ऑफिस मे प्रभाव कम हो जाएगा मेरा मै अपने पर निर्भर रहना चाहती हु 🌹🌹क्रमशः

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