दीमक की तरह खाती हैं पुरानी यादें

दिमाग की कचरा होती हैं वे पुरानी यादें

जिनका न कोई मोल होता है और न अस्तित्व

रह रह कर पल पल याद आते हैं कुछ मनहूस पल

जो करते हैं मन को बेचैन और बन गए दीमक की तरह जो सिर्फ दिमाग ही नहीं जीवन को भी धीरे धीरे कमजोर बना देती हैं कुछ मनहूस पुरानी यादें

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