किसी भी वस्तु के लिए आतुर होना उचित नहीं

किसी वस्तु के लिए जब हम आतुर होते हैं तो हम अपनी चीजो को भूल जाते हैं जो हमें भगवान् ने प्रदान की हैं हमारे पास वो वस्तुएँ हैं जिनकी हम कद्र नहीं करते जितना भी है उतने की कद्र करनी चाहिए जो भाग्य मे होगा वो मिलेगी ही हमे अपनी कोशिश और मेहनत नहीं छोड़नी चाहिये

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