इतने मे वीर सिंह बहुत ही गुस्सा हो गए और उन्होंने घूंसा तान लिया परंतु वीर सिंह को एक महिला ने रोका
वीर सिंह एक ठाकुर थे वे एक रोबीले इंसान थे वे किसी की सहने वाले नहीं थे अब उन्होंने अपनी गुस्सा पर काबू रखा
वो डाकू कहने लगा की झूठ बोलते हो तुम साले
वीर सिंह कहते हैं की मै जब यहाँ आया था तब ये लोग नहीं थे मुझे गाली मत देना वरना,,,,
वरना क्या कर लोगे तुम मै सरदार का खास आदमी हूँ एक बार तुम्हारी शिकायत सरदार से कर दूंगा तो तुम्हे वे काम से निकाल देंगे तुम्हारी जान के लाले पड़ जाएंगे समझे
अच्छा एक बात सुन लो मै भी सरदार का आदमी हु और मै तुम्हे अभी पहाड़ी के नीचे फेंक दूंगा सरदार ने मुझे देखरेख के लिए यहाँ भेजा है समझे ज्यादा कुत्तागिरी मुझे मत करना वीर सिंह ने कहा क्रमशः

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