सबसे बड़ी कमजोरी हमारी दया की प्रव्रति होती है
अक्सर देखा गया है की हम उसके ऊपर दयालु या हमदर्दी रखते हैं जो हमे बहुत ही मानसिक पीड़ा अपने शब्दों से दे चुका होता है
हमे उससे होशियार रहना चाहिए
और हम उसके ही ऊपर दया दिखा देते हैं उसकी उन बातो को भूल जाते हैं जिनसे हमे आघात पहुंचा या पीड़ा मिली
ठीक है ये भी सही है की पीड़ा देने वाला इंसान कभी कभी हमारा बहुत खास होता है परिवार का सदस्य होता है परंतु इतना ज्यादा भी दयालु होना ठीक नहीं
सबसे बड़ी बात है की हमारा वो इंसान कभी भी खास नहीं हो सकता जो हमे अपने बर्ताव और अपने शब्दों से आहत करता है
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