वो नशा भी क्या जो जीवन को तबाह करे

कोई गम न रहे ये हो नहीं सकता

कोई सितम सहे बिना मजबूत हो नहीं सकता

माना की जीवन मे नशो का सिलसिला है

पर किसी नशे को पूरा किये बिना कोई इतना बुजदिल हो नहीं सकता

वो नशा भी क्या जो तुम्हारी जिंदगी को चूस डाले

उस नशे को चुनो जो तुम्हारे जीवन की शान हो

बहार हो वो जीवन की

मिठास हो अपना की

वो नशा जो तुम्हारे अभाव को कर दे सरे बाजार नीलाम

जिंदगी मे रौनक आ जाए, जीवन मे हो खुशियों की फुहार

वो नशा मेहनत का

वो नशा प्यार का जो किसी की आँख का मोती बने

वो नशा स्वाभिमान का जो अपनी हिफाजत करे

अपनी मंजिल को पाने का नशा हो

😊😊🌹🌹😊

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