एक रखैल की खामोशी की ताकत

ताकत अगर आपके जिस्म मे है

आपकी औकात मे है

आपके वज़ूद मे है

आपकी आवाज मे है

गुलाम बना लेते हो किसी को

अपना

उठा लेते हो किसी कमजोर का फायदा

कर देते हो उसके ऊपर जुल्मो सितम

रौंद देते हो उसके जज़्बात और उसकी खुशियाँ

अपने सुख की खातिर

कर देते हो तार तार उसके जिस्म और उसकी रूह को

उसे कोई न बचा पाया गर तुमसे

ये मत भूलो उसके आँखों के आँसुओ के सैलाब थे

जो तुम्हारे अंधे वज़ूद के तले दब गए

सुख गए उसके आँसू तुम्हारी खुशियो की लडियों की माला को पिरोते हुए

टूट गई जिसकी सारी आशाएँ तुम्हारे सपनो और तुम्हारी हवस को मिटाने मे

वो खामोश है

वो बेबस है,

लेकिन ताकत है अभी भी उसकी खामोशी मे

उसके अंदर सूखे हुए आंसुओं मे

वे मिटा सकते है तुम्हारे इस जुनून को, तुम्हारे उस सुख पाने के दिलकश अंदाज को

मिटा सकते है कभी वे तुम्हारे उस वज़ूद को

जिसपर तुम इतना इतराते हो

मिटा सकते है उस पानी की ताकत को जिसपर तुम किसी का लहू चूस लेते हो

मिटा सकते है वे रुके हुए आँसू तुम्हारी सलतनत को

रुक जाओ अभी भी वक़्त है

झुक जाओ अभी भी वक़्त है

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