मुझे क्या चाहिए

आज तक न पता चला की मुझे क्या चाहिए

किस्मे अलग अलग, लोगो के

रस्मे अलग कहानी कहती हैं

कभी कभी लगता है कि सबकुछ तो है मेरे पास

कभी कभी लगता है कुछ कमी है

शायद मुझमे ही

मै यही नहीं पता लगा पाती की मुझे क्या चाहिए

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