क्या कह रहे हो तुम क्या तुम सच मे मेरी मदद करोगे
हाँ हाँ अब ज्यादा बात मत करो हम तुम दोनों को ले जाने के लिए आए हैं
मंजुलता को हम सब जानते है
चलो जल्दी करो अभी मौका अच्छा है वरना अभी सब आ जाएंगे
लेकिन मेraरी पत्नी का क्या होगा मै उसके बिना नहीं जा सकता वो आदमी बोला
वीर सिंह कहते हैं की हम उसे भी ले चलेंगे अब चलो
और अपने आदमी से कहते हैं की रामू तुम धीरे से इनकी पत्नी को लेकर आ जाओ
रामू कहता है की उन्हे तेज बुखार हुआ है
वो बहुत बीमार हैं लेकिन फिर भी मै कोशिश करता हु उन्हे ले जाने की
और रामू जो महिला के वेश मे है वो सुरुचि के पास जाता है और कहता है बहन मेरे साथ चलो तुम्हारे पति बुला रहे हैं
सुरुचि कहती है की मुझसे उठा नहीं जा रहा है एक एक हड्डी मे पीड़ा हो रही है
तभी डाकू का आदमी वीर सिंह से कहता है की क्या खुसुर् पुसूर् कर रहे हो
वीर सिंह कहते है की मै तो इसको जल्दी जल्दी काम करने के लिए कह रहा हु क्रमशः

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