मुझसे चालाकी मत करना वरना मौत के घाट उतार दिये जाओगे समझे लाश पहाड़ी मे फेंक दी जाएगी
अरे नहीं नहीं मै तो सरदार का गुलाम हु उनका नमक खाया है उनके साथ कैसी चालाकी वीर सिंह ने कहा
और कहते हैं की अपनी पत्नी को बुला लाओ
इसकी पत्नी को बुखार है बहुत बीमार है कोई दवाई का प्रबंध करो नहीं तो अगर ये मर गई तो सरदार की योजना पर पानी फिर जाएगा समझे
बस दो दिन और जिंदा रह जाए फिर तो इसका कोई काम नहीं है क्रमशः

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