कम्बखत अपने

खयाली वादे

खाली आशाएँ

खोखली बातें

नीच इरादे

केवल विचार बदलते

चेहरे कुछ जाने पहचाने

अनगिनत आँसू देते

धीरे से थोड़ा थोड़ा छीनते

थोड़ा थोड़ा लूटते

कुछ सांत्वना देते

भावनाएं आहत करते

धीमा जहर पिलाते

बैचैन करते

घुट घुट के जीने को मजबूर करते

प्यार की थपकी स्वार्थ भरी बातों से

संमोहित करने वाले

ये हैं कम्बखत अपने 😔😔😔😔

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