कुछ कष्ट नाहक ही उत्पन्न कर लेते हैं अपने लिए

कोई भी कष्ट आता है तो उसका मुकाबला हमे खुद करना पड़ता है

कुछ कष्टों के जिम्मेदार हम खुद होते है अपनी अज्ञानता के कारण

हम अज्ञान होते हैं और कुछ कार्य हम अपने सुख के लिए कर लेते हैं हमें अनुमान ही नहीं लगता की ये कार्य जो हम कर रहे हैं वो कहाँ तक सफल होगा

कुछ हम लोग गलत फैसले लेकर कर लेते हैं जो बाद मे बहुत ही दुखद होता है

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