एक शराबी और एक इंसान

तुम जीत नहीं सकते। हम लड़ते हैं और हम तब तक लड़ते हैं जब तक हम जीत नहीं जाते। या हम हार जाते हैं। कोई नहीं जीत सकता और हर कोई जीतेगा

पाना और खोना जीवन मे लगा ही रहता है

जैसे आज रात एक शराबी अकेला पी रहा है, वह अकेला नाच रहा है। और सबसे दुखद बात यह है की उसे पता नहीं है की असली आनंद क्या है वो पीने को अपना असली आनंद समझता है
शराबी एक संसारिक जीव के समान है जैसे की संसार मे हम सब नशे में रहते हैं कुछ पाते है और फिर उसे खोने से डरते हैं

उसनेप्रेम की मिठास चखी है, प्रेम की कड़वाहट भी चखी है पर फिर भी वह उसमे भेद नहींपा पारहे

वो एक शराबी है सिर्फ शाराब का नशा ही जानता है
शराबी की एक ही पहचान है या तो वो लडखडा जाता है या तो अपने नशे को छिपाता है



वो स्त्री से मोह करता है पर प्रेम नहीं करता, अपने बच्चो से प्रेम नहीं करता

वो सिर्फ एक ही वस्तु को पाने मे लगा रहता है वो है नशा

वो नशे के वश मे हो चुका है🌹🌹

टिप्पणी करे

Design a site like this with WordPress.com
प्रारंभ करें