रात, रात भर ठीक से नींद न लेना
ठीक से खाना न खाना, सारे दिन केवल सबकी सेवा
बच्चे भी दिन मे सोते जब मै काम कर रही होती
पति की नई नौकरी थी उनको समय से सारी वस्तुएँ देना
एक अजीव विडंबना थी की मेरे बच्चे रात मे न सोते
मन मे चिंता होती थी, सबके क्रोध का शिकार जब मै थोड़ी सी बात पर होती थी तो बहुत रोना आता
मन मे इच्छाये दबी रह जाती थी
सीलन से भरे घर मे रहती थी
चारो तरफ शोर था बगल मे लोहे की मशीन चलती थी
तनाव के माहौल मे रहती थी
सबकी खुशी मे ही अपनी खुशी मिलती थी
छोटे छोटे घर, घुटन भरा माहौल
ठीक से खाना नहीं खाती थी
धुएं मे रहती थी पूरे चेहरे मे काले दाग हो गए थे और मै जब शीशे मे मुह देखती तो रो पड़ती
दाग बढ़ते ही चले जा रहे थे नाक तक दागो ने मुह को घेर लिया था, न मुझे धूप मिलती, न ठीक से हवा मिलती
दागो का होना एक आम बात है, बच्चा जब मां का दूध पीता है तब उसे पुष्टिक् आहार देना बहुत जरूरी है सबको
अपनी घर की महिलाओ का ध्यान रखना चाहिए आपको पता होना चाहिए कि एक महिला घर के सदस्यों की सेवा करते हुए अपने आप को भी भूल जाती है इसलिए घर मे पत्नी, भाभी, बहन, मां कोई भी हो उसका सबको ध्यान रखना चाहिए महिलाओं को भी एक दूसरे की मदद और देखभाल करनी चाहिए ❤❤🙏🏿🙏🏿❤
भी
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